नई दुनिया की हिंदी कहानी, naidunia ki hindi kahani

Naidunia ki hindi kahani | Hindi stories

यह नई दुनिया की हिंदी कहानी : naidunia ki hindi kahani, आपको बहुत पसंद आएगी, इस कहानी (hindi stories) में पोता अपने दादा जी को नई दुनिया (naidunia) दिखाना चाहता है मगर दादा जी अपने गांव से बाहर नहीं जाना चाहते है मगर पोते की जिद्द की वजह से वह शहर की और चलते है 

नई दुनिया की हिंदी कहानी : naidunia ki hindi kahani

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बाबा आप इस गांव से बाहर क्यों नहीं जाते है बाबा कहते है की में इस गांव को छोड़कर नहीं जाना चाहता हु मुझे बाहर की नई दुनिया  पसंद नहीं है मुझे यह भी नहीं लगता है की मुझे गांव से बाहर जाकर नई दुनिया  देखनी चाहिए तभी पोता कहता है की आप ऐसा क्यों कहते है आप जीवन भर इसी गांव में रहे है आपको भी बाहर की दुनिया देखनी चाहिए अब तो जमाना बहुत बदल गया है अगर आप मेरे साथ शहर जाते है तो बहुत कुछ देख सकते है मगर बाबा मना कर देते है

naidunia ki hindi kahani :-

बेटा अपने पिताजी से बात करता है और कहता है की आप बाबा के मेरे साथ में शहर चलने को कहिये शायद वह आपकी बात मान जाए क्योकि में उन्हें बाहर की दुनिया दिखाना चाहता हु अगर आप बात मान जाते है तो वह मेरे साथ में कुछ दिन तक रह सकते है, आप उनसे बात कीजिये वह आपकी बात जरूर मान जायँगे अपने बेटे की बता सुनकर पिताजी कहते है मुझे लगता नहीं है की वह मेरी बात मानेगे क्योकि जब उनका मन बाहर की नई दुनिया देखने का नहीं करता है तो हम कुछ भी नहीं कर सकते है

 

मगर पिताजी इतना समझ गए थे की उनका बेटा अपने दादाजी से बहुत प्यार करता है उन्हें अपने साथ ले जाना चाहता है में एक बार कोशिश करता हु शायद वह मेरी बात मान जाए वह अपने पिताजी के पास जाते है और कहते है की आपका पोता बहुत जिद्द कर रहा है वह आपको अपने साथ ले जाना चाहता है अगर वह बहुत खुश है तो आपको उसके साथ में जाना चाहिए भले ही आप कुछ समय उसके पास रहे है मगर इससे उसे बहुत ख़ुशी होगी अपने बेटे की बात सुनकर बाबा मान जाते है और पोते को बुलाते है

 

पोता आता है और बाबा कहते है की में तुम्हारे साथ चलने को तैयार हु मगर कुछ दिन तक में रह सकता हु क्योकि मेने अपने पुरे जीवन में कभी भी गांव से बाहर ज्यादा समय नहीं बिताया है में इस लिए चल रहा हु की तुम्हे ख़ुशी होगी पोता कहते है की ठीक है हम दोनों कल ही शहर की और चले जायँगे यह बता सुनकर पोता बहुत खुश था वह बहुत ज्यादा ही खुश नज़र आ रहा रहा था न जाने उसे ऐसा क्या मिल गया था जिससे वह बहुत खुश था 

 

अगला दिन आ गया था दोनों चल दिए थे, आज पोता बहुत खुश था उसी ख़ुशी का कारण था, उसके दादाजी वह अपने दादा जी के साथ वक़्त बिताना चाहता था मगर उनके साथ बाहर गए हुए शायद बहुत साल बीत गए थे वह जब बहुत छोटा था तभी उनके साथ गया होगा मगर जब से बड़ा हुआ है, हर वक़्त पढ़ाई में ही लगा रहता था उसके बाद एक अच्छी नौकरी मिल गयी थी वह दूसरे शहर में रहकर काम कर रहा था वही पर पाने दादाजी को लेकर आया था

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जब दादाजी देखते है की शहर तो एक नई दुनिया जैसा लग रहा है जैसा की उन्हें महसूस होता था की शहर बहुत बड़ा है वही पर सभी सुविधा भी मौजूद है वह कभी आना नहीं चाहते थे, मगर उनका पोता लेकर आया था अब दादाजी को भी बहुत अच्छा लग रहा था अगर हम भी कुछ समय अपनों के साथ बिताते है तो हमारा जीवन भी बहुत अच्छा होता है यह नई दुनिया (naidunia) की हिंदी कहानी, hindi kahani, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे.

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