कुछ बातें हिंदी कहानी, Kuch Baatein short story in hindi

Kuch Baatein short story in hindi

कुछ बातें हिंदी कहानी : Kuch Baatein short story in hindi, हम तुम्हारे साथ में चलते है यह भी हो सकता है की हमारे साथ में जाने से वह हमारी बता मान जाए और घर वापिस आ जाए हम उसे इस बात (Baat) को समझाते है की यह अच्छा नहीं है तुम्हे घर से ऐसे ही आना नहीं चाहिए यह बात (Baat) तुम समझते नहीं हो मगर इस बात (Baat) के पीछे कोई भी कारण नज़र नहीं आता है, जब से तुम घर से आये हो घर पर कोई भी ठीक नहीं है सभी यही चाहते है की तुम घर वापिस आ जाओ,

Kuch Baatein short story in hindi

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Kuch Baatein short story in hindi

मगर तुम तो यहां पर अपनी ही जिद्द करके बैठे हो यह बात अच्छी नहीं है हमारे साथ में घर चलो सभी तुम्हारा इंतज़ार कर रहे है छोटी बाते होती रहती है इनका कोई मोल नहीं है यह तो सिर्फ हमारे रिश्ते मजबूत करती है अगर तुम नहीं जाते हो तो इससे उन्हें बहुत दुःख होगा वह उनकी बात सुनता है और कुछ देर बाद ही घर की और चल पड़ता है वह सोचता है की कुछ नहीं बदलेगा सब कुछ तो वैसा ही रहेगा तो कुछ बदलाव नहीं होने वाला है वह घर आ जाता है उसके पिताजी कहते है की तुम्हे ऐसे ही नहीं जाना चाहिए था

 

तभी वह लड़का कहता है की आप भी इस बात को जानते है मगर फिर भी मुझे ही कह रहे है ऐसा कब तक चलेगा जबकि गलती मेरे भाई की थी मगर आप उसे कुछ भी नहीं कहते है, अगर वह ऐसा न करता तो कुछ भी नहीं होता , उसने बिना बताये ही दूकान से जाने का फैसला किया था जबकि में भी वहा पर नहीं था ऐसे में कुछ लोग आये और सारा सामान वहा से ले गए थे जब में पहुंचा तो कुछ भी नहीं था ऐसा होने के बड़ा भी वह अपनी गलती नहीं मन रहा है बल्कि वह सब कुछ मुझे ही कह रहा था

बात की मान्यता :-

आज की इस बात से कुछ भी समझ नहीं आ रहा था जब मुझे ही कहा जा रहा था तो मुझे यह सब कुछ अच्छा नहीं लग रहा था इसलिए में वहा से चला गया था जबकि आपने मुझे बुलाया और फिर में आ गया था मगर उसे कुछ नहीं बोला जा रहा है यह बता आपको समझनी चाहिए की जब तक हम कुछ भी नहीं कहते है तो वह और ज्यादा ही बिगड़ता चला जाएगा यह अच्छी बात नहीं है, यह बात आप भी जानते है

 

मगर कुछ भी नहीं हो रहा है उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन हमे तो फर्क पड़ता है हमे तो कुछ सोचना होगा यह बात जब तक हम नहीं कहते है तब तक उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा पिताजी इस बात जको समझ रहे थे मगर न जाने ऐसी क्या बात थी की वह कुछ नहीं कहना चाहते थे अब तो यही हो सकता था की हमारे का भी अलग हो जाए जिससे जो करना चाहता है वही करे क्योकि हमे कुछ भी नज़र नहीं आ रहा है जब कोई भी अच्छा नहीं कर सकता है तो बुरा भी नहीं करना चाहिए

कहानी का मोरल :-

कुछ समय बाद ही दोनों के काम अलग हो गए थे अब दोनों साथ में काम नहीं करना चाहते है शायद यही सही रास्ता हो सकता है काम भी अलग हो गए थे व्यवहार भी बदल गए थे मगर यह बात पता नहीं थी की ऐसा क्यों हो गया था जोकि कुछ समय पहले सब ठीक चल रहा था कुछ बदलाव आते है जीवन में बहुत कुछ बदल जाता है मगर यह जीवन चलता ही रहता है, कुछ बातें हिंदी कहानी, Kuch Baatein short story in hindi, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो जरूर शेयर और कमेंट करके हमे भी बताये.   

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