Grihshobha stories in hindi, गृहशोभा अभी तक नहीं आयी हिंदी कहानी

Grihshobha stories in hindi

Grihshobha stories in hindi, गृहशोभा अभी तक नहीं आयी हिंदी कहानी, गृहशोभा अभी तक ऑफिस से नहीं आयी थी, शायद उसे आज देर हो गयी थी, जिसकी वजह से अभी तक नहीं आयी थी, गृहशोभा का पति इंतज़ार कर रहा था क्योकि उन्हें ध्यान है की वह कभी देरी से नहीं आती है, but आज ऐसा क्या हुआ था जिसकी वजह से वह देर हो गयी है, अभी कुछ नहीं किया जा सकता था Grihshobha को अभी तक आ जाना चाहिए था, but क्यों नहीं आयी है, परेशानी बढ़ती जा रही थी, उसे लग रहा था की मुझे चलकर देखना चाहिए,

Grihshobha stories in hindi : गृहशोभा अभी तक नहीं आयी हिंदी कहानी

Grihshobha stories in hindi

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वह Grihshobha के ऑफिस जाता है but ऑफिस तो बंद हो गया था, अभी उस जगह पर कोई नहीं था, सभी घर जा चुके थे गृहशोभा के पति की चिंता अब बढ़ चुकी थी क्योकि वह बहुत अधिक देर नहीं करती है but आज क्या हुआ होगा, उसके पति को लुक भी समझ नहीं आ रहा था तभी गृहशोभा के पति को याद आया था की उसकी एक सहेली भी साथ में कम करती है इसलिए वह उसके घर जाता है जब उसका पति घर पहुँचता है तो गृहशोभा उसी के घर पर थी,

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अब गृहशोभा के पति को ठीक लग रहा था क्योकि वह मिल गयी थी, but वह इसके घर पर क्या कर रही है तभी उसके पति ने देखा की Grihshobha उसके पैर में पट्टी लगा रही है शायद उसे चोट आयी थी, वह कहता है की इन्हे क्या हुआ है गृहशोभा बताती है की हम दोनों साथ में आ रहे थे तभी एक बाईक से इन्हे चोट आ गयी है और यह चल नहीं पा रही थी इसलिए सोचा की पहले इन्हे घर छोड़ दू तो अच्छा होगा, Because यह यहां पर अकेली रहती है but आज आप यहां पर आ गए है

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गृहशोभा के पति कहते है की तुम समय से घर नहीं पहुंची तो मुझे लगा की तुम्हे देख लिया जाए कही कोई परेशानी तो नहीं है इसलिए यहां पर आ गया था में ऑफिस भी गया था but जब वह पर पहुंचा तो वॉचमन ने बताया की सभी घर जा चुके है यह सुनकर परेशानी और भी अधिक बढ़ गयी थी, अब गृहशोभा को पता चल गया था उनके पति आज बहुत परेशान हो गए थे but वह भी किसी तरह उन्हें बता नहीं सकती थी, की उन्हें देर हो सकती है  

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उसके बाद गृहशोभा और उनके पति घर जाते है Grihshobha के पति कुछ नाराज भी लग रहे थे क्योकि उन्हें परेशानी हुई थी वह बहुत अधिक चिंता में लग गए थे उन्हें खोजा भी था but वह कुछ नहीं बोल रहे थे इसका कारण गृहशोभा जानती थी, गृहशोभा ने कहा की आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है मेरी सहेली के पैर में चोट आयी थी आप यह सब कुछ जानते है उसके बाद पति कहते है की वह सब ठीक है but तुम मुझे इस बारे में बता सकती थी,

Grihshobha stories in hindi 

जबकि तुम जानती हो की मुझे चिंता हो जाती है तुम घर पर फोन भी कर सकती थी, but तुमने कुछ भी नहीं बताया था Grihshobha ने बताया की उसके घर में फोन नहीं था और ऑफिस से निकलकर यह सब कुछ हो गया था, इसलिए नहीं बता पायी थी, but आज पति बहुत नाराज लग रहे थे वह परेशान हो गए थे और उन्हें खोजने में समय भी लग गया था but गृहशोभा इस बारे में माफ़ी मांगती है आगे से वह हमेशा ही बता कर जायँगी, कुछ बाते जीवन में हमे यह भी बता देती है की कोई कितना महत्वपूर्ण होता है, अगर आपको यह गृहशोभा अभी तक नहीं आयी हिंदी कहानी पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे 

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