गोल्डन पेड़ की हिंदी कहानी, golden tree hindi stories with moral

Golden tree hindi stories with moral | Hindi stories

गोल्डन पेड़ की हिंदी कहानी : (golden tree hindi stories with moral) अभी काफी रात नहीं हुई थी सभी लोग जाग रहे थे लेकिन सभी लोग धीरे-धीरे सोने की तैयारी कर रहे थे, इस कहानी में गोल्डन पेड़ (golden tree hindi stories with moral) होता है जो देखने में साधारण ही होता है मगर जब वह गोल्डन पेड़  के पास जाता है तो उसे वह गोल्डन पत्ते मिलते है जिससे वह धनवान हो जाता है, यह गोल्डन पेड़ की कहानी आपको पसंद आयेगी तभी एक घर का पड़ोसी उठता है और वह जंगल की ओर चला जाता है धीरे-धीरे वह इस बात का भी ध्यान रखता है कि कोई उसे जाते हुए कोई देख न ले मगर उसके पड़ोसी को हमेशा यही बात सताती थी कि वह इतना धनवान कैसे होता जा रहा है.

गोल्डन पेड़ की हिंदी कहानी : Golden tree hindi stories with moral

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golden tree hindi stories with moral

जबकि इसकी स्थिति में काफी बड़ा बदलाव आया है जो कि हमें आज दिखाई दे रहा है इससे पहले तो मुझे नहीं लगता था कि यह बदलाव आएगा मुझे जाकर देखना चाहिए कि है रात के वक्त किस जगह पर जाता है आज उसका पड़ोसी भी उसके पीछे पीछे जा रहा था क्योंकि वह बात का पता लगाना चाहता था कि वह किस जगह पर जा रहा है तभी वह कुछ दूरी पर जाकर रुक जाता है पहला आदमी जो कि पहले से ही निकल चुका था वह एक पेड़ (tree) के पास जाकर खड़ा हो जाता है और इंतजार करता है

 

वह किसका इंतजार कर रहा है उसका पड़ोसी यह देखने के लिए दूर ही खड़ा रहता है कुछ देर बाद ही उस पेड़ के पत्ते सुनहरे रंग के हो जाते हैं ऐसा लगता है कि सभी पति सोने में बदल गए हैं वे उनमें से कुछ पत्तो को तोड़ता है और अपने पास रख लेता है यह सब कुछ ही दूर खड़ा हुआ उसका पड़ोसी देख रहा था वह समझ गया था कि यह पेड़ (tree) उसे सोना देता है जिसकी वजह से वह अमीर बन गया है और आज मेरी हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गए हैं

 

जब वह चला जाता है तो उसका पड़ोसी भी उस पेड़ के पास जाकर उन पत्तो को तोड़ने की कोशिश करता है लेकिन उनमें से जितने भी पत्ते में तोड़ता है वह साधारण ही नजर आते हैं और कुछ देर बाद वह पूरा पेड़ ही साधारण पत्तों से भर जाता है ऐसा अचानक क्या हो गया था कि उसको सभी सुविधाएं मिली और में जब पत्ते तोड़ने गया तो मुझे कोई भी सुविधा नजर नहीं आ रही थी ऐसा क्यों हुआ उसकी समझ में बिल्कुल भी नहीं आ रहा था वह पड़ोसी उसके पीछे पीछे घर की ओर जाता है और पता लगाने की कोशिश करता है कि यह सब क्या हो रहा है

सुनहरे पेड़ की कहानी :-

जब वह आदमी घर पहुंचता है तो वह अपनी पत्नी से कहता है कि मैं उस पेड़ से सोने के पत्ते लेकर आ गया हूं लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि शायद मेरे पीछे कोई आ रहा है आज मुझे इस बात पर पूरा यकीन तो नहीं है लेकिन कुछ आभास ऐसा हुआ था कि कोई मेरा पीछा कर रहा है मुझे ऐसा लगता है कि कोई मेरा पीछा करके यह देखना चाहता है कि मैं किस जगह पर जा रहा हूं मुझे दिखाई तो नहीं दिया लेकिन मुझे आज लगता है कि कोई मेरे पीछे आता उसकी पत्नी कहने लगी कि जब तुम्हें कोई दिखाई ही नहीं दिया तो इस बारे में सोचने से कोई फायदा नहीं है और इन पत्तों को तुम्हें कल सुनार के यहां पर ले जाना है और इन्हें धन में बदल कर वापस लाना है

 

यह बात तुम अच्छी तरह से जानते हो तभी वह आदमी कहता है कि यह सब कुछ भगवान की देन है एक समय ऐसा था कि हमारे पास कुछ भी नहीं था तभी मुझे सपने में भगवान नजर आए और उन्होंने मुझे दर्शन देकर कहा कि तुम्हें जंगल में जाकर उस पेड़ (tree) के पास इस समय खड़े हो जाना है और तुम्हारी जरूरत पूरी हो जाएंगी उसके बाद ही उसका पड़ोसी सब कुछ सुन चुका था उसके समझ में आ गया था कि यह सब भगवान ने दिया है लेकिन मैं इसका प्रयोग नहीं कर पाऊंगा क्योंकि भगवान ने मुझे दर्शन दे कर ऐसा नहीं कहा

 

इसीलिए वह सभी पत्ते साधारण हो गए थे मुझे ऐसा लगता है कि उस पेड़ (tree) को काट देना चाहिए जिससे कि इन्हें धन की प्राप्ति हो रही है और ऐसा मैं होने नहीं दूंगा इसलिए वह दिन में जाकर उस पेड़ को काटने की कोशिश करता है जब उस पेड़ को काटने की कोशिश करता है तो पता नहीं क्या होता है कि उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है और कुछ भी नहीं कर पाता है बड़ी मुश्किल से घर पर जाता है और आराम करने लगता है वह समझ जाता है कि यह सब कुछ भगवान ने किया है क्योंकि वह पेड़ (tree) को काटने गया था

कहानी का मोरल :- 

इसी कारण भगवान ने मुझे यह सजा दी है इसलिए वह समझ जाता है कि कभी भी उस काम को नहीं करना चाहिए जो कि भगवान ने उसे नहीं दिया है उसके बाद में वह आदमी कभी भी जंगल की ओर नहीं जाता है और इस बात को भूलने की कोशिश करता है वह जानता है कि इसमें कुछ भी नहीं ले सकता, हम अपने जीवन में बहुत कुछ सोचते है की हमे वह सब मिलना चाहिए जोकि सभी को मिला है मगर ऐसा नहीं होता है जो भगवान देते है हमे उसी में खुश रहना चाहिए तभी हम खुश रह सकते है हमे उन बातो की नहीं सोचना चाहिए जो हम नहीं ले सकते है तभी हम जीवन में अच्छा कर सकते है अगर हम यही बता सोचते रहेंगे की हमे भी वह सब मिलना चाहिए जो सबके पास है तो हम हमेशा दुखी रहेंगे, गोल्डन पेड़ की हिंदी कहानी, (golden tree hindi stories with moral), (hindi stories) अगर आपको यह कहानी पसंद आई है तो आगे भी शेयर करें कमेंट करके हमें बताएं.

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