एक सच्ची दोस्ती क्या होती है, Best hindi stories about friendship

Best hindi stories about friendship

एक सच्ची दोस्ती क्या होती है : hindi stories about friendship, इस कहानी में दो दोस्त (friends) होते है उन्हें ऐसा लगता है की वह हर मुसीबत में साथ आएंगे कुछ समय तक तो ठीक था मगर एक समय ऐसा भी आया था जब उनके बीच ऐसा हो गया था जिसके बारे में उन्होंने सोचा नहीं था उनमे एक दोस्त नरेश जोकि बहुत ही गरीब था मगर सुनील अच्छी हालत में था मगर उन्हें कभी इस बता का अहसास नहीं हुआ था उन्हें लग भी नहीं रहा था की ऐसा कुछ हो सकता है मगर समय के अनुसार बहुत कुछ हो सकता है

एक सच्ची दोस्ती क्या होती है : hindi stories about friendship

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एक दिन नरेश सुनील के पास आया था (hindi stories about friendship) जब वह आया तो सुनील ने पूछा की क्या परेशानी है तभी नरेश ने बताया की में बहुत बड़ी मुसीबत में आ गया हु, (friendship hindi stories) मुझे यह जगह जल्दी छोड़नी होगी, हमारे पास अब यह जगह भी नहीं रहेगी हम इस शहर में किसी को जानते भी नहीं है नरेश ने कहा की अगर तुम मेरी मदद कर दो तो बहुत अच्छा होगा क्योकि तुम्हारे पिताजी कुछ कर सकते है हम तो बहुत गरीब है हम कुछ नहीं कर पायंगे, सुनील ने कहा की में पूछकर बताता हु तभी सुनील चला गया था नरेश को लग रहा था की सुनील कुछ करेगा

Best hindi stories about friendship :- 

मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था अगला दिन भी आ गया था नरेश को अब कोई भी उम्मीद अपने दोस्त की नहीं लग रही थी वह मिलने भी नहीं आया था नरेश को लग रहा था की उनकी दोस्ती (friendship) यही तक होगी इसलिए वह नहीं आया है मगर वह जाने से पहले सुनील से मिलना चाहता था वह सुनील का इंतज़ार कर रहा था मगर वह नहीं आया था नरेश की माता कहती है की अब हमे चलना चाहिए वह नहीं आयेगा क्योकि यह दुनिया बहुत जल्दी ही बदल जाती है मगर नरेश को लग रहा था की वह जरूर आएगा

 

उनकी दोस्त बहुत जल्दी नहीं टूट सकती है उनकी दोस्ती (friendship) बहुत पुरानी है वह आसानी से मुझे नहीं भूल सकता है नरेश इंतज़ार कर रहा था कुछ देर बाद बस भी आ गयी थी वह बस में चढ़ने वाले थे तभी सुनील आता है वह कहता है की कहा जा रहे हो, मेरा इंतज़ार भी नहीं किया था, नरेश ने कहा की ऐसा नहीं है में जानता था की तुम जरूर आओगे क्योकि हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त है और हमेशा रहेंगे सुनील ने कहा की मुझे माफ़ करना

 

क्योकि में तुम्हारे लिए बात कर रहा था उसके बाद मेरे पिताजी ने मुझे एक जगह दिखायी थी वह जगह तुम्हारे लिए बहुत अच्छी होगी यह बात तुम नहीं जानते हो सुनील ने कहा की उस जगह को देखने में ही बहुत देर हो गयी थी यही वजह थी की में समय से नहीं आ पाया था नरेश अपने दोस्त को देख रहा था उसे लग रहा था की वह उसे नहीं रोक पायेगा मगर उसकी सोच गलत थी आज उसक दोस्त बहुत अच्छा है वह उनके बारे में सोच रहा था तभी वह हमे लेने आया है उसके बाद वह सुनील के साथ जाते है 

कहानी का मोरल :- 

सुनील की मदद से नरेश को घर मिल गया था, मगर नरेश समझ गया था की उसका दोस्त बहुत अच्छा है वह अपनी दोस्ती नहीं भुला था जिसकी वजह से वह उनके पास आया था नरेश ने कहा की मुझे यकीन नहीं था की तुम मेरी मदद करोगे मगर तुमने मेरी मदद की थी क्योकि तुम बहुत अच्छे दोस्त हो सुनील ने कहा की ऐसा नहीं कहते है तुम बहुत अच्छे हो क्योकि तुम मेरे सतह में बहुत समय से हो मुझे तुम्हारा साथ देना ही था इस तरह नरेश को पता चल गया था की दोस्ती क्या होती है, एक सच्ची दोस्ती क्या होती है, hindi stories about friendship, अगर आपको यह कहानी (friendship hindi stories) पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये.

 

hindi stories about friendship : दोस्त की दूसरी कहानी 

आज मेरा दोस्त कुछ मदद मांगने आया था शायद आज उसे मदद की जरूरत थी वह बहुत गरीब था मगर उसे इस बात से कोई भी मतलब नहीं था वह जानता था की वह किसी दिन इस मुसीबत से बाहर निकल जाएगा आज वह अपने गांव से दूर रहकर यहां पर रह रहा था, क्योकि उसे अपनी पढ़ाई पूरी करनी थी अगर वह ऐसा कर सकता है तो वह अपने माता पिता एके लिए कुछ कर सकता था

 

कुछ समय बाद ही एग्जाम आने वाले थे क्योकि उसी के बाद सभी का जीवन बदलने वाला था यह अंतिम एग्जाम थे उसके बाद हम सभी अपने काम की तलाश में जा सकते थे मगर इन सभी एग्जाम की फीस वह नहीं भर सकता था अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसके सामने समस्या आ सकती थी वह घर से भी मांग रहा था मगर कोई भी सहायता नहीं मिल रही थी अब वह परेशान था मगर क्या करे यही बात सोच रहा था

Hindi stories about friendship | friendship hindi stories

इसी वजह से वह मेरे पास आया था क्योकि अगर उसकी फीस जमा नहीं होती है तो वह अपने एग्जाम नहीं दे सकता है वह कहता है की अब मेरे पास एग्जाम के लिए पैसे नहीं है और कल ही एग्जाम फीस जमा करनी है पिताजी ने उसे फीस के पैसे दे दिए थे क्योकि उनका मानना था अगर कोई मेहनत करता है तो उसकी मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए इसलिए हमे मदद जरूर करनी चाहिए उसके बाद मेरे दोस्त ने अपनी फीस जमा कर दी थी और वह अपने एग्जाम दे चूका था अगर हम भी एक छोटा भलाई का काम करते है तो वह बहुत अच्छा होता है, दोस्त की दूसरी कहानी, hindi stories about friendship, अगर आपको यह कहानी (friendship hindi stories) पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये.

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