2 Hindi stories with moral- दो मोरल कहानी हिंदी में, hindi stories with a moral

2 Hindi stories with moral | Hindi stories with a moral

2 Hindi stories with moral – दो मोरल कहानी हिंदी में, hindi stories with a moral, आज बहुत दिन के बाद घर पहुंचा हु मुझे ऐसा लगता है की घर से निकले हुए बहुत समय (time) बीत गया है अगर मुझे कोई काम नहीं होता तो में कभी भी घर (home) से नहीं निकलता यही पर रहता और आपकी सेवा (service) करता तभी माता कहती है की अगर यही पर ही रहना है तो काम (work) कौन करेगा यह बात तुम जानते हो की यह घर बहुत मुश्किल से ही चल रहा है अगर तुम बाहर जाकर काम नहीं करते तो घर भी नहीं चल पाता, तभी पड़ोस से एक आदमी आता है.

दो मोरल कहानी हिंदी में : 2 Hindi stories with moral

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2 Hindi stories with moral

वह कहता है की आज तो तुम बहुत दिनों के बाद यहां पर आये हो मुझे तो लग रहा था की तुम अभी नहीं आये होंगे मगर तुम तो आ गए हो मुझे आये हुए तो अभी कुछ समय ही हुआ है और आप बताये की खेती का काम कैसा चल रहा है तभी वह आदमी कहता है की बहुत परेशानी है कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है बारिश (rain) की कोई भी उम्मीद मुझे नज़र नहीं आती है और उधर सेठ का कहना है की हमे जल्दी ही वह कर्ज चुकाना होगा जो हमने सेठ से लिया है

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तुम तो बहुत अच्छे हो जो बाहर जाकर काम कर रहे हो, अगर गांव में रहते और खेती करते तो उसमे खाने की समस्या बहुत अधिक हो जाती क्योकि फसल अच्छी नहीं होगी तो क्या कर सकते है समय से बारिश नहीं होती है सबसे बड़ी परेशानी यही है की अगर खेत को पानी नहीं मिलता है तो क्या किया जा सकता है उधर सेठ से लिया कर्ज भी चुकाना पड़ेगा क्योकि सेठ को इस बता से कोई फर्क नहीं पड़ता है की बारिश हुई है या नहीं, उसे तो अपने धन से मतलब है

 

आप भी सही कह रहे हो सेठ सिर्फ अपने बारे में सोचता है उसे सभी से कोई मतलब नहीं है उसे अपना धन चाहिए जो आपने लिया है मेरे सतह ही गांव के बहुत से लोगो ने भी धन लिया है सभी परेशान है क्योकि कोई कुछ भी नहीं कर सकता है अब मुझे चलना चाहिए अभी तो तुम आये हो में अभी यहां से जाता हु और शाम को मिलता हु उसके बड़ा बात करते है वह आदमी चला जाता है मगर वह सोचता है की गांव की मुसीबत कम नहीं हुई है बल्कि बहुत बढ़ गयी है क्या मुझे सेठ से बात करनी चाहिए

 

तुम्हे इन सभी बताओ में नहीं पड़ना चाहिए, क्योकि सेठ यह भी बता पूछ सकता है की तुम्हे इस बात से क्या मतलब है तुम्हे अपना काम देखना चाहिए तुम भी सही कह रही हो सेठ यह बता कह सकता है मगर जब तक हम कोई बता नहीं कहते है तब तक कुछ भी पता नहीं चलता है भले ही सेठ बात नहीं माने मगर एक बार तो बात करनी चाहिए यह सोचकर वह सेठ के पास जाता है सेठ उसे देखता है और कहता है की कब आये हो बहुत समय बाद यह पर नज़र आये हो,

 

वह कहता है की कुछ देर पहले ही आया था मगर गांव वाले कह रहे थे की उनकी फसल पिछली बार भी अच्छी नहीं हुई थी और इस बार भी ऐसा ही लग रहा है सेठ बात को समझ जाता है और कहता है की तुम इन सभी बातो में क्यों पड़ना चाहते हो अगर में यह बात भूल जाओ तो मुझे नुक्सान होता है मेरे पास कोई खेत तो नहीं है मगर में किसी को ऐसे ही धन तो नहीं देना चाहता हु यह बता तुम समझ सकते हो मुझे भी देखना पड़ता है

 

वह कहता है की में जानता हु की आप सही कह रहे है मगर कुछ समय की मोहलत मिल जाती तो वह सभी बहुत खुश हो जाते इससे उन्हें भी लगता की आप उनके साथ है सेठ को बात समझ आ जाती है सेठ कहता है की अगर तुम कहते हो तो उन्हे थोड़ा वक़्त मिल जाएगा यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है, वह घर चला जाता है और माता से कहता है की सेठ मान गया है माता कहती है की तुम बात को कहना जानते हो

Moral of the story :-

यह बात जब सभी को पता चलती है तो सभी बहुत खुश हो जाते है जीवन में ख़ुशी आ सकती है मगर जीवन को सही तरिके से चलाना चाहिए आपके सामने समस्या होती है मगर उनका हल भी आपके ही पास होता है, 2 Hindi stories with moral – दो मोरल कहानी हिंदी में, hindi stories with a moral, इसलिए सही तरिके अपनाये और जीवन को अच्छा बनाये     

 

दूसरी मोरल कहानी एक गांव (village) का आदमी : hindi stories with a moral

वह हर रोज अपने गांव (village) से दूसरे गांव जाता था उसे ऐसा करते हुए काफी समय जब हो गया तो सभी ने पूछा की हमे यह बात समझ नहीं आती है की तुम हर रोज दूसरे गांव में क्यों जाते हो क्योकि हमारे गांव में भी सब कुछ मिलता है वह आदमी कहता है की ऐसी कोई बात नहीं है मुझे किसी काम (work) से जाना पड़ता है मगर वह काम क्या है यह बात भी तो हमे बताओ, वह कहता है की आप मेरी बात समझ सकते है वह आदमी कहता है की यह भी कोई बात है तुम मुझे बात बताओ में उस बात को समझ सकता हु मगर वह कुछ भी बताना नहीं चाहता है

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ऐसी क्या बात है की वह कुछ भी कहना नहीं चाहता है उसने कहा की पहले सभी को मेरे पास बुलाओ तभी में बात कहता हु, कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वह क्या कहना चाहता है मगर कुछ देर बाद ही सभी लोग आ गए थे उन्होंने पूछा की क्या बात है जो हमे यहां पर बुलाया गया है, तभी वह आदमी कहने लगा की हमे इनसे एक सवाल पूछा था की तुम हर रोज उस गांव (village) में क्यों जाते हो तो इसने कहा की पहले सभी को बुलाओ तभी बात कहता हु इसके बाद आप सभी आ गए है

 

तभी वह कहता है की में दूसरे गांव से सब्जी लाने जाता हु यह बात सुनकर सभी कहते है की यह तो कोई बात नहीं है हमारे गवा में भी बहुत अधिक सब्जी होती है तो तुम दूसरे गांव में क्यों जाते हो यह बात सुनकर वह कहता है की जब आप सभी लोग दुसरो के जैसे बनना चाहते हो तो मुझे भी लगता है की दूसरे गवा की सब्जी ज्यादा अच्छी होती है

Moral of the story :-

यह बात सुनकर सभी समझ जाते है, की वह क्या कहना चाहता है हमे अपनी बुराई को बाहर निकालना है तभी हम अच्छे इंसान बन सकते है अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आप दुसरो की सिर्फ नकल ही करते रहेंगे और इससे कुछ भी नहीं होगा, 2 Hindi stories with moral – दो मोरल कहानी हिंदी में, hindi stories with a moral,  अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे.

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